एसोशिएटेड न्यूज़ एजेंसी ने प्रिंस सुल्तान एयर बेस की सैटेलाइट फ़ुटेज का विश्लेषण किया है, पहले वहां वायु रक्षा प्रणाली थाड की यूनिट के अलावा पैट्रियट मिसाइल बैटरी तैनात थी। प्लांट लैब्स इंक द्वारा ली गई सैटेलाइट फ़ुटेज में देखा जा सकता है कि अगस्त के अंत तक कई बैटरीज़ एयर बेस से ग़ायब हैं।
रियाज़ के पास स्थित प्रिंस सुल्तान एयरबेस से अमरीका ने अपना एयर डिफ़ेंस सिस्टम ऐसे वक़्त में हटाया है, जब उसके अरब सहयोगी जल्दबाज़ी में अफ़ग़ानिस्तान से अमरीकी सैनिकों की वापसी को बड़ी मायूसी से देख रहे थे।

हालांकि अभी भी हज़ारों अमरीकी सैनिक क्षेत्र में बाक़ी हैं, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि अफ़ग़ानिस्तान में मिली करारी हार से अमरीकी साम्राज्य की हड्डियां चमरमरा गई हैं और अब वह दिन दूर नहीं है कि जब वाशिंगटन अन्य क्षेत्रीय देशों से भी अपना बोरिया बिस्तरा लपेट लेगा।
अमरीका ने क्षेत्र में ईरान के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए उसके दो पड़ोसी देशों अफ़ग़ानिस्तान और इराक़ को सीधे निशाना बनाया और कई देशों में आतंकवादी गुटों के ज़रिए प्रॉक्सी वार शुरू की, लेकिन दो दशकों के बाद अमरीका जहां पहले की तुलना में काफ़ी कमज़ोर पड़ गया है, वहीं क्षेत्र में ईरान का दबदबा बढ़ा है।
अमरीका की सीमित होती भूमिका से उसके अरब सहयोगी गहरी चिंता में हैं, लेकिन उन्हें अब उसका कोई विकल्प भी नहीं मिल रहा है, क्योंकि दुनिया की दूसरी उभरती हुई बड़ी शक्ति चीन से ईरान के बहुत मज़बूत संबंध हैं।
सितम्बर 2019 में अमरीका ने सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको पर घातक ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद, अपने सैनिकों और बड़ी संख्या में सैन्य उपकरणों को प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर तैनात किया था।
पेंटागन की प्रवक्ता कमांडर जेसिका मैकनल्टी ने जून में पत्रकारों से कहा था कि इस साल कुछ बलों और सैन्य उपकरणों को क्षेत्र से बाहर निकालने की योजना है।
मैकनल्टी का कहना था कि रक्षा मंत्री ने अमरीकी सैंट्रल कमांड को क्षेत्र से कुछ बलों और सैन्य उपकरणों को हटाने का निर्देश दिया है, मुख्य रूप से वायु रक्षा प्रणालियों को।
इस बीच, सऊदी ख़ुफ़िया विभाग के पूर्व प्रमुख प्रिंस तुर्की अल-फ़ैसल ने कहा है कि हमें अमरीकी प्रतिबद्धताओं के बारे में शक है। क्योंकि ऐसे वक़्त में जब सऊदी अरब को न केवल यमन से बल्कि ईरान से भी ड्रोन और मिसाइल हमलों का ख़तरा है, अमरीका ने पैट्रियट मिसाइलों को हटा लिया है।